PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में खाता खोलने का एक नया रास्ता ला रहा है, जिसका नाम NPS Tatkal है। इसमें बैंक के मौजूदा KYC रिकॉर्ड का इस्तेमाल होगा, इसलिए ग्राहक तीन क्लिक में पेंशन खाता खोल सकेंगे और बार-बार फॉर्म भरने से बचेंगे।

विवरण मुंबई में बुधवार के दिन सामने आए, और इन्हें PFRDA के चेयरमैन एस रमन ने रखा। उनके अनुसार इस प्रक्रिया में ऑनबोर्डिंग में लगभग 10 सेकंड लग सकते हैं। इस सेवा की शुरुआत की सटीक तारीख जानकारी में नहीं बताई गई है।

Unified Payments Interface (UPI) यानी यूपीआई के जरिए ग्राहक NPS खाते में रोज़ या हर घंटे ₹10 जमा कर सकेंगे। ये छोटे जमा पूरी तरह ग्राहक की अपनी मर्जी पर होंगे। न्यूनतम योगदान ₹10 है, लेकिन NPS खाता खोलने के लिए ₹250 चाहिए।

फिलहाल NPS में जमा पर कोई ट्रांज़ैक्शन चार्ज नहीं लगता। बैंकों को हर नए NPS खाते के लिए ₹100 का ऑनबोर्डिंग शुल्क मिलता है। इसके अलावा बैंकों को खातों में रखी रकम पर सालाना 0.2% कमीशन मिलता है।

चेयरमैन के अनुसार यह कुल कमीशन है, जो प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM) का सालाना 0.2% है। इस हिसाब से 1 लाख रुपये के NPS फंड पर सालाना कमीशन लगभग 200 रुपये है। एस रमन के मुताबिक, NPS वैश्विक स्तर पर सबसे कम खर्चीले रिटायरमेंट उत्पादों की श्रेणी में आता है।

नए NPS ग्राहकों के 4 से 5 करोड़ तक जुड़ने का अनुमान रेगुलेटर ने जताया है, और यह आंकड़ा 2 से 3 साल के भीतर का है। रेगुलेटर का लक्ष्य 100 लाख करोड़ रुपये का पेंशन कॉर्पस है, जिसे 2040 से काफी पहले हासिल करने की बात कही गई है।

इस योजना का ध्यान उन लोगों पर है जिनकी मासिक आय अनियमित है, जैसे डिलीवरी पार्टनर। भारत का कार्यबल लगभग 60 करोड़ है, जबकि NPS और अटल पेंशन योजना (APY) मिलाकर लगभग 10 करोड़ ग्राहक हैं। NPS में लगभग 1.5 करोड़ सरकारी और 1 करोड़ गैर-सरकारी ग्राहक हैं।