फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) ने अक्टूबर के खुदरा बिक्री आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों का हिस्सा 41.83% रहा। यह हिस्सेदारी पेट्रोल/एथनॉल मॉडलों की 41.60% हिस्सेदारी से थोड़ी आगे रही।
वैकल्पिक ईंधन ने अक्टूबर में एक बार फिर पेट्रोल को पीछे छोड़ा है। सितंबर में पेट्रोल ने फिर बढ़त ली थी, जब उसकी हिस्सेदारी 41.27% रही। अगस्त 2026 में वैकल्पिक ईंधन ने पहली बार पेट्रोल को पीछे छोड़ा था, तब उसकी हिस्सेदारी 41.95% थी। अक्टूबर में दोनों श्रेणियों के बीच अंतर 0.23 प्रतिशत अंक का रहा।
फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि खरीदार CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे वैकल्पिक ईंधन भारत के यात्री वाहन बाजार का तेजी से महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।
अक्टूबर 2026 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में CNG का हिस्सा 24.59% रहा। एक साल पहले की तुलना में यह हिस्सा 23.20% से बढ़कर 24.59% पर पहुंचा है।
हाइब्रिड वाहनों का हिस्सा अक्टूबर 2026 में 9.94% रहा। अक्टूबर 2025 में यह 6.96% था, यानी इसमें साल भर में वृद्धि दर्ज हुई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा अक्टूबर 2026 की खुदरा बिक्री में 7.30% रहा। सितंबर 2026 में यह 8.45% था, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 3.55% पर था।
सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री अक्टूबर में लगभग 3.55 लाख यूनिट रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। कुल मिलाकर EV की पैठ अक्टूबर में लगभग 11.5% रही, जबकि एक साल पहले यह लगभग 6% थी।