FADA के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2026 में भारत में यात्री गाड़ियों की खुदरा पंजीकरण संख्या पिछले साल की तुलना में 14.23% घटी है। इस महीने कुल 5,07,768 यूनिट पंजीकृत हुए, जबकि अक्टूबर 2025 में यह संख्या 5,92,032 यूनिट थी।

सितंबर 2026 में पंजीकरण 4,27,213 यूनिट थे। उसके मुकाबले अक्टूबर में पंजीकरण 18.86% बढ़े।

इलेक्ट्रिक वाहनों, यानी EV, की हिस्सेदारी अक्टूबर 2026 में कुल यात्री गाड़ी पंजीकरण का 7.30% रही। अक्टूबर 2025 में यह हिस्सेदारी 3.55% थी। हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी भी 6.96% से बढ़कर 9.94% हो गई है।

ईंधन के हिसाब से देखें तो पेट्रोल और इथेनॉल वाहनों की हिस्सेदारी 48.96% से घटकर 41.60% रह गई। डीज़ल वाहनों की हिस्सेदारी 17.34% से घटकर 16.57% पर आ गई है। वहीं CNG और LPG वाहनों की हिस्सेदारी 23.20% से बढ़कर 24.59% हो गई।

कंपनी-वार आंकड़ों में Maruti Suzuki अक्टूबर 2026 में 2,11,996 पंजीकरण के साथ सबसे आगे रही। उसकी बाज़ार हिस्सेदारी 41.75% रही, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 42.15% थी।

Tata Motors 73,449 पंजीकरण और 14.47% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। Mahindra के खाते में 64,982 यूनिट पंजीकृत हुए, जिनकी हिस्सेदारी 12.80% रही। Hyundai 58,099 पंजीकरण और 11.44% हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर रही। टॉप पांच कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावट Hyundai में दर्ज हुई, जो लगभग 16.4% रही। Kia ने 30,799 यूनिट पंजीकृत किए, जिससे उसकी बाज़ार हिस्सेदारी 6.07% रही।