प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4 नवंबर और 5 नवंबर को CoinDCX और Delta Exchange से जुड़े परिसरों पर छापेमारी करने की बात कही है। छापेमारी का आधार कथित तौर पर बिना अधिकार के किए गए सीमा पार क्रिप्टो वित्तीय लेनदेन बताया गया है। जांच के दायरे में डेरिवेटिव ट्रेडिंग के साथ क्रिप्टो और RWA टोकन से जुड़ा कारोबार भी आता है।
ED के अनुसार यह जांच Neblio Technologies Private Limited पर कथित बड़े पैमाने के FEMA उल्लंघन के आरोप पर आधारित है। Neblio Technologies Private Limited भारत में CoinDCX का संचालन करती है। वहीं Excelium Technologies Private Limited Delta Exchange का संचालन करती है।
ED का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म ने बिना अधिकृत हुए विदेशी टोकनाइज़्ड स्टॉक्स में कारोबार का विज्ञापन किया। डेरिवेटिव और टोकनाइज़्ड स्टॉक कारोबार के लिए विदेशी प्लेटफॉर्म पर USDT स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल किया गया। CoinDCX पर की गई खोज में स्पॉट, फ्यूचर्स, ऑप्शन्स और विदेशी टोकनाइज़्ड स्टॉक्स में कारोबार मिलने की बात सामने आई है।
ED ने CoinDCX के उत्पादों में बड़े पैमाने पर FEMA, 1999 के उल्लंघन पाए जाने का दावा किया है। इस जांच के मुताबिक CoinDCX विदेशी प्लेटफॉर्म को फीस के रूप में सैकड़ों करोड़ रुपये चुकाती है। यह फीस USDT में चुकाई जाती है, जो FEMA ढांचे के विपरीत बताई गई है।
Delta Exchange का बड़ा डेरिवेटिव कारोबार CoinDCX के जरिए रूट होने की बात कही गई है। Delta Exchange के सीमा पार लेनदेन का आंकड़ा कई हजार करोड़ रुपये बताया गया है। Delta Exchange द्वारा विदेशी सहयोगी संस्थाओं को सैकड़ों करोड़ रुपये भेजे जाने का मामला भी जांच के दायरे में है।
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि ये उत्पाद भारत के तीन वित्तीय कानूनों के विपरीत दिखाई देते हैं।