Bitcoin 2 नवंबर को 78,542 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा और पिछले 24 घंटों में इसमें 1.09 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।

अक्टूबर के आखिर में बिकवाली के बाद बिटकॉइन छह हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया था, और अब क्रिप्टो बाज़ारों में मामूली रिकवरी दिख रही है। पिछले एक हफ्ते में बिटकॉइन में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है।

क्रिप्टो एनालिस्ट मानते हैं कि बाज़ार स्थिर हो रहे हैं। फिर भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और जॉब्स डेटा से पहले व्यापक बाज़ार का नज़रिया सावधानी भरा बना हुआ है।

अमेरिका के स्पॉट Bitcoin ETF से पिछले हफ्ते 202 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी हुई। Ether ETF से लगभग 431 मिलियन डॉलर बाहर निकले।

बिटकॉइन की रिकवरी मज़बूत करने के लिए उसका 79,200 डॉलर के स्तर से ऊपर जाना ज़रूरी बताया गया है। ऊपर 80,300 से 80,900 डॉलर का क्षेत्र रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। अगर रिबाउंड नाकाम रहा तो 76,500 से 77,000 डॉलर का सपोर्ट क्षेत्र फिर से फोकस में आ सकता है। तात्कालिक सपोर्ट स्तर 77,500 डॉलर है।

WazirX के संस्थापक Nischal Shetty ने खुदरा निवेशकों से कहा कि वे पूंजी बचाने को प्राथमिकता दें, रिबाउंड का पीछा न करें और तय खरीद को सस्ती जोखिम सीमा के भीतर छोटे हिस्सों में बांटें। उनकी राय है कि अनुभवी फ्यूचर्स ट्रेडर्स 80,000 डॉलर से ऊपर लगातार चाल और सफल रीटेस्ट के बाद ही BTC लॉन्ग पर विचार करें, जबकि 77,000 डॉलर के नीचे टूटकर रिकवरी न हो तो शॉर्ट्स का पक्ष बन सकता है।

Delta Exchange की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल ने कहा कि आगे की दिशा ETF की मांग, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ट्रेज़री यील्ड पर निर्भर करेगी, जो लिक्विडिटी और जोखिम की भूख को प्रभावित करते रहेंगे। उनके मुताबिक जब तक ये रेजिस्टेंस स्तर वापस नहीं लिए जाते, मौजूदा चाल राहत वाली रिकवरी ही है, और अगला दिशा-निर्देश मैक्रो डेटा व संस्थागत फ्लो तय करेंगे।

Pi42 के को-फाउंडर और CEO अविनाश शेखर ने निवेशकों से छोटे उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय ETF फ्लो, बाज़ार की लिक्विडिटी और अहम तकनीकी स्तरों पर नज़र रखने को कहा। उनके अनुसार खरीद गतिविधि में लगातार सुधार 2026 का अंत मज़बूत होने की दिशा तय कर सकता है।

Giottus के CEO विक्रम सुबुराज ने सलाह दी है कि 1.11 प्रतिशत की रिबाउंड पर लीवरेज्ड दांव से बचें। नई क्रिप्टो खरीद 6 नवंबर से पहले छोटी रखने की सलाह दी गई है।

भारत में क्रिप्टो प्रोडक्ट्स और NFTs अनियमित हैं, यह बात भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कही है।

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