आयकर विभाग ने TDS से जुड़े चार फॉर्म, 26QB, 26QC, 26QD और 26QE, की जगह Form 141 लाया है।
यह नया फॉर्म TDS के भुगतान और रिपोर्टिंग, दोनों के लिए इस्तेमाल होगा। Form 141 एक चालान-सह-विवरण है, यानी भुगतान और उसका विवरण एक ही दस्तावेज़ में दर्ज होते हैं। इसे Income Tax Act, 2025 के तहत जारी किया गया है।
यह फॉर्म कर वर्ष 2026-27 के लेनदेन पर लागू होता है।
मुख्य बदलाव
पुराने फॉर्म 26QB का इस्तेमाल संपत्ति की खरीद पर TDS के लिए होता था। वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर पर TDS का फॉर्म 26QE था। अब Form 141 में इन सभी लेनदेन के लिए अलग-अलग अनुसूचियां दी गई हैं।
Form 141 में पांच अनुसूचियां हैं, जो A से E तक चलती हैं। अनुसूची D में क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर पर TDS शामिल है। अनुसूची E 1 अक्टूबर 2026 से जोड़ी गई है, और यह गैर-निवासी विक्रेता से खरीदी गई संपत्ति पर लागू होती है।
एक Form 141 में केवल एक ही तरह की अनुसूची का लेनदेन दर्ज हो सकता है। कुछ शर्तों के तहत एक ही श्रेणी के कई प्राप्तकर्ताओं के भुगतान एक ही फॉर्म में डाले जा सकते हैं।
TDS की सीमाएं
किराये पर TDS की सीमा Rs 50,000 प्रति माह है, या महीने के किराये के किसी हिस्से की भी। अचल संपत्ति के ट्रांसफर पर यह सीमा Rs 50 lakh या उससे अधिक है। ठेकेदार और पेशेवर भुगतानों के लिए सीमा Rs 50 lakh रखी गई है।
वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर पर TDS के लिए कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। यानी क्रिप्टो लेनदेन में कितनी भी छोटी रकम पर यह नियम लागू होगा।
भुगतान और फाइलिंग
TDS काटने के महीने के अंत से 30 दिन के भीतर Form 141 दाखिल करना होगा। फॉर्म ई-फाइलिंग पोर्टल पर PAN लॉगिन और e-Pay Tax के जरिए दाखिल किया जाता है।
देरी से फाइल करने पर लागू नियमों के तहत शुल्क या ब्याज लग सकता है।
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