CERT-In ने बुधवार को एक एडवाइज़री जारी की, जिसमें इस अभियान को Crafty Falcon नाम दिया गया है। यह एक AI-आधारित साइबर खतरा है, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI टूल्स का इस्तेमाल करता है। इन टूल्स की मदद से हमलावर बड़ी संख्या में अनुकूलित अटैक स्क्रिप्ट्स तेज़ी से बना और सुधार सकते हैं।
यह ताज़ा एडवाइज़री October 9 की पहले वाली चेतावनी का अपडेट है। लगातार घटना विश्लेषण में इस अभियान में गंभीर बढ़ोतरी सामने आई है। CERT-In ने कहा कि खतरा अभी सक्रिय और जारी है, और CSIRT-Fin को उन NBFCs और फिनटेक संस्थाओं से भी सफल हमलों की रिपोर्ट मिल रही है, जिन्हें पहले सीमित वितरण वाली एडवाइज़री मिल चुकी थी और जिन्होंने सुधार कर लिए थे।
कुछ संगठनों को दोबारा निशाना बनाया गया है, जिनमें वे भी शामिल हैं जिन्होंने पहले की कमज़ोरियों को पूरी तरह ठीक नहीं किया था। हमले छुट्टियों, वीकेंड और सुरक्षा निगरानी कम होने की अवधि के समय पर किए गए हैं।
CERT-In ने ARTEX परिवार के LLM-आधारित टूल्स का इस्तेमाल होने की पहचान की है। PentAGI, जो एक ऑटोनॉमस मल्टी-एजेंट AI पेनिट्रेशन टेस्टिंग सिस्टम है, भी इन हमलों में इस्तेमाल हो रहा है। Cairn सर्च इंजन और CyberStrikeAI फ्रेमवर्क भी संगठनों के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे हैं। एडवाइज़री के मुताबिक ये टूल्स अटैक चेन खुद चला सकते हैं और पेलोड को परिस्थिति के अनुसार बदल सकते हैं।
हमलावर इंटरनेट से जुड़े टेस्टिंग और स्टेजिंग एनवायरनमेंट का फायदा उठा रहे हैं, जहां साझा क्रेडेंशियल्स, टोकन और कनेक्शन इस्तेमाल होते हैं। वे AWS Systems Manager और Lambda का दुरुपयोग करके कमांड चलाते हैं और दुर्भावनापूर्ण फाइलें डिप्लॉय करते हैं। PHP और Node.js एप्लिकेशन में हाल में सामने आई फाइल-अपलोड और डीसीरियलाइज़ेशन कमज़ोरियों का भी फायदा उठाया जा रहा है।
हमलावर ₹1 जितनी छोटी रकम के माइक्रो-वैल्यू ट्रांजैक्शन से अनधिकृत ट्रांसफर की जांच करते हैं। पेमेंट एग्रीगेटर्स के मर्चेंट सेटलमेंट APIs का इस्तेमाल फंड खिसकाने के लिए हुआ है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रोवाइडर्स भी निशाने पर हैं, जहां वॉलेट की चाबियां चुराई गई हैं।
CERT-In ने BFSI संस्थाओं से राउंड-द-क्लॉक सुरक्षा निगरानी मज़बूत करने को कहा है। कॉरपोरेट सिस्टम पर अनधिकृत AI-आधारित सिक्योरिटी और अटैक टूल्स के इस्तेमाल को सीमित करने की सिफारिश भी की गई है। टेस्टिंग और स्टेजिंग एनवायरनमेंट को प्रोडक्शन सिस्टम से अलग रखने की सलाह दी गई है। नए लाभार्थियों को छोटे ट्रांसफर और उसके बाद आने वाले बड़े ट्रांजैक्शन पर फ्लैग करने को कहा गया है। प्रभावित संगठनों को संदिग्ध ब्रीच की जानकारी CERT-In या CSIRT-Fin को देनी चाहिए।