PM E-Drive Scheme: केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 1,772 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस योजना के अंतर्गत 24.79 लाख दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी मिलेगी। सरकार ने इस योजना की अधिसूचना 29 सितंबर, 2024 को जारी की थी। इसके तहत 10,900 करोड़ रुपये का परिव्यय इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए निर्धारित किया गया है।

PM E-Drive Scheme: सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन

इस योजना में केवल दोपहिया ही नहीं, बल्कि तिपहिया और इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए भी समर्थन दिया जा रहा है। तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 907 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे 3.15 लाख तिपहिया ईवी को सहायता मिलेगी। इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 5,643 ट्रकों को सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, 14,028 ई-बसों के लिए 4,391 इलेक्ट्रिक वाहनों का समर्थन किया जाएगा।

स्थापित होंगे चार्जिंग स्टेशन

PM E-Drive Scheme के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के लिए भी 2,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। इससे न केवल ईवी के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार होगा।


मंत्री ने बताया कि ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना भी लागू है। चैंपियन ओईएम श्रेणी के तहत आवेदकों को एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (एएटी) वाहनों की बिक्री पर 13% से 18% का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी तरह, एएटी कंपोनेंट्स की बिक्री पर 8% से 13% का प्रोत्साहन मिलेगा।

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संबंधित उद्योगगों को होगा लाभ

PM E-Drive Scheme के जरिए बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के एएटी कंपोनेंट्स के लिए अतिरिक्त 5% का प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना में प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 50% घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए) अनिवार्य है। इस प्रकार, यह योजना भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करके मेक इन इंडिया के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी। इस प्रकार, सरकार का लक्ष्य न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाना है, बल्कि उनके उत्पादन और संबंधित उद्योग को भी प्रोत्साहित करना है।

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