Google के Gemini चैटबॉट में प्रेस की खबरों का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन कर सकता है, यह राय Court of Justice of the European Union के Advocate General Maciej Szpunar ने दी है।
Szpunar, Luxembourg में स्थित Court of Justice of the European Union को इस मामले में सलाह दे रहे हैं।
हंगरी की वेबसाइट ऑपरेटर Like Company ने अपने news portals के लेखों के इस्तेमाल को लेकर Google पर मुकदमा किया है।
यह जेनरेटिव एआई (generative AI) से जुड़ा पहला मामला है जो EU की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा है।
एडवोकेट जनरल की राय
Szpunar ने सुझाव दिया है कि अदालत अपने फैसले को Gemini के जवाबों पर केंद्रित रखे।
उन्होंने समझाया कि जब LLM (large language model) आधारित चैटबॉट किसी प्रकाशक की वेबसाइट से कोई प्रकाशन लेता है, उसे दोबारा इस्तेमाल करके जवाब बनाता है और वह जवाब उपयोगकर्ता तक पहुंचाता है, तो प्रेस प्रकाशक का अधिकार कुछ परिस्थितियों में उल्लंघित हो सकता है।
यदि पेवॉल को पार किया गया हो, तो Gemini के जवाब प्रकाशकों के पुनरुत्पादन अधिकार के दायरे में आते हैं।
एडवोकेट जनरल की राय बाध्यकारी नहीं होती, फिर भी अदालत के जज आम तौर पर उसे मानते हैं।
फैसला आने में लगभग छह महीने लगने की उम्मीद है।
कॉपीराइट का दायरा
कॉपीराइट केवल किसी विषय की विशेष अभिव्यक्ति की रक्षा करता है, तथ्यों की नहीं।
टेक्स्ट और डेटा माइनिंग के अपवाद के तहत कॉपीराइट वाली सामग्री पर AI प्रशिक्षण को स्वतंत्र रूप से अनुमति प्राप्त मानी जाती है।
Google के प्रवक्ता के अनुसार, एडवोकेट जनरल की राय यह मानती है कि EU कानून सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर AI प्रशिक्षण की अनुमति देता है।
Like Company के लेखों का Gemini के प्रशिक्षण में इस्तेमाल हुआ, इसका कोई सबूत नहीं है।
Google का पक्ष
Google का कहना है कि Gemini original आउटपुट बनाने के लिए भाषा के पैटर्न सीखता है, न कि सामग्री की नकल करता है।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसके पास व्यापक publisher controls हैं, जिनसे rightsholders के पास साफ विकल्प रहता है और वे opt out कर सकते हैं।
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